हाथीक दाँत देखाबैकेँ आर नुकाबैकेँ छै आर
नेताकेँ कहैक गप्प छै आर बनाबैकेँ छै आर
केलक भोज नै दालि बड्ड सुडके इ बूझल
भोज करैक बात आरो छैक देखाबैकेँ छै आर
दोसरकेँ फटलमे टाँग सब कीयो अडाबै छै
फाटल अपन सार्बजनिक कराबैकेँ छै आर
सासुरकेँ मजा बहुते होइ छै सभकेँ बुझल
कनियाँ सन्ग सासुरमे मजा सुनाबैकेँ छै आर
भाई धनक गौरब तँ गौरबे आन्हर रहै छै
मोट रुपैया जखन बाप जे पठाबैकेँ छै आर
(सरल वार्णिक बहर, वर्ण-१८)
केलक भोज नै दालि बड्ड सुडके इ बूझल
भोज करैक बात आरो छैक देखाबैकेँ छै आर
दोसरकेँ फटलमे टाँग सब कीयो अडाबै छै
फाटल अपन सार्बजनिक कराबैकेँ छै आर
सासुरकेँ मजा बहुते होइ छै सभकेँ बुझल
कनियाँ सन्ग सासुरमे मजा सुनाबैकेँ छै आर
भाई धनक गौरब तँ गौरबे आन्हर रहै छै
मोट रुपैया जखन बाप जे पठाबैकेँ छै आर
(सरल वार्णिक बहर, वर्ण-१८)

