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शुक्रवार, 18 सितंबर 2026

गजल

जकर नै दालि गललै कड़ुआय छै ओ

समय संगे कतेको बौराय छै ओ

 

अखाड़ामे जखन जीतब कठिन रहलै

प्रपंचक  बाट धेने हरषाय छै ओ

 

सभक सोझाँ कते हिम्मत देखबै छै

मुदा जनता हियामे घबराय छै ओ

 

पहीने छै लगै केहन नीक सभटा

जखन थापर पड़ै छै पछताय छै ओ

 

कपट कय जे बुझै छै बुझलक कियो नहि

‘मनु’क ई देख मुस्की अकुलाय छै ओ

 

(बहरे करीब, मात्राक्रम : 1222-1222-2122) 

✍🏻 जगदानन्द झा ‘मनु’


बुधवार, 16 सितंबर 2026

गजल

चलि अहाँ संगे हमर जीवन ताड़ि दिअ

छी पियासल हम कनी अमरित ढारि दिअ

 

चारु दिस अन्हार पसरल अछि मोनमे

आबि दीया  एकटा प्रीतक बारि दिअ

 

डेग डोलैए  हमर नेहक आसमे

प्राण बनि देहक अहाँ जीवन धारि दिअ

 

मेघ धेने अछि सुखक आँगनमे किए 
आ अपन मुसकीसँ ओ सभटा मारि दिअ

 

आर नहि हमरा तँ चाही किछु प्रेममे

बस अहाँ जीवन अपन ‘मनु’पर हारि दिअ

 

(बहरे जदीद, मात्राक्रम : 2122-2122-2212)

✍🏻 जगदानन्द झा ‘मनु’


गुरुवार, 20 अगस्त 2026

बीहनि कथाक पोथी आ कथाकार

मैथिली साहित्यमे आइ बीहनि कथाक स्थान आ खगता दुनूक बेगरता अछि। आ समय संगे पाछाँक दू दशकमे बीहनि कथा अपन एकटा नव स्थानेटा नहि बना कऽ पाठकक मोनमे एकटा जिज्ञासा बना लेलक, जे आबय बला समयमे बीहनि कथाक संसार अपन बालावस्थासँ जबानीटा नहि वरन साहित्यक अँगनाक एकटा यशस्वी विधा बनत। हम ओहि सुखद समयसँ छी, जे बीहनि कथाकेँ बालावस्थामे बढ़ैत आ खेलाइत, युवावस्थाक दिस डेग बढ़बैत देख रहल छी।

आइ नित्य नव-नव बीहनि कथा आ बीहनि कथाक पोथी लिखल जा रहल अछि। किछु प्रमुख बीहनि कथाक पोथी आ बीहनि कथाकारक विवरण नीचाँ देल जा रहल अछि -

१. पोथी - क्षणिका, बीहनि कथाकार - अमरनाथ, प्रकाशन वर्ष - १९७५, प्रकाशक - मैथिली रचना मंच, दरभंगा।

 

२. पोथी - कल्प-गुच्छ, बीहनि आ लघु कथा संग्रह, कथाकार - गजेन्द्र ठाकुर, प्रकाशन वर्ष - २००९, प्रकाशक - श्रुति प्रकाशन।

 

३. पोथी - प्रतीक, बीहनि कथाकार - मुन्ना जी, प्रकाशन वर्ष - २०१२, प्रकाशक - श्रुति प्रकाशन।

 

४. पोथी - त्रिवेणीक रंग, बीहनि आ लघु कथा संग्रह - कथाकार राजदेव मंडल, प्रकाशन वर्ष - २०१४, प्रकाशक - श्रुति प्रकाशन।

 

५. पोथी - उलहन, बीहनि कथाकार - कपिलेश्वर राउत, प्रकाशक - श्रुति प्रकाशन।

 

६. पोथी - उपरान्त, बीहनि कथाकार - घनश्याम घनेरो, प्रकाशन वर्ष - २०१६, प्रकाशक - गीताश्री प्रकाशन, पटना।

 

७. पोथी - सिनेहक दाम, बीहनि कथाकार - डॉ आभा झा, प्रकाशन वर्ष - २०२०, प्रकाशक -  नवारम्भ प्रकाशन।

 

८. पोथी - कनकिरबा, बीहनि कथाकार - डॉ प्रमोद कुमार, प्रकाशन वर्ष - २०२१, प्रकाशक - शशि प्रकाशन।

 

९. पोथी - मोकाम दिस, बीहनि कथाकार - मुन्ना जी, प्रकाशन वर्ष- २०२१, प्रकाशक - शशि प्रकाशन।

 

१०. पोथी - तोहर कतेक रंग, बीहनि कथाकार - जगदानन्द झा ‘मनु’, प्रकाशन वर्ष - २०२२, प्रकाशक - पल्लवी प्रकाशन।

 

११. पोथी - सझिया रोपनी, संपादक - डॉ प्रमोद कुमार (तैंतालिस गोट लेखकक सझिया संग्रह) प्रकाशन वर्ष - २०२२, प्रकाशक - शशि प्रकाशन।

 

१२. पोथी - पर्वत उपर भवरा जे सूतल, बीहनि, लघु आ दीर्घ कथा संग्रह, कथाकार - गजेन्द्र ठाकुर, प्रकाशन वर्ष - २०२३

 

एकर अतिरिक्त बहुतो लेखक छथि जिनकर बीहनि कथा समय-समयपर विभिन्न पत्रिका सभमे प्रकाशित होइत रहैत अछि। जाहिमे प्रमुख छथि - ओम प्रकाश झा, विद्या नन्द झा ‘बमबम’, कुन्दन कर्ण, मुकेश आनन्द, प्रमोद झा ‘गोकुल’, मोहन कुमार झा, जगदीश प्रसाद मंडल, उमेश मंडल,  दुर्गानन्द मंडल, राजदेव मंडल, रामविलास साहु, ललन कुमार कामत, अनिता मिश्रा, जयंती कुमारी, भावना मिश्रा, मुन्नी कामत, ममता कर्ण, राहुल झा, आशुतोष आनंद, सांत्वना मिश्रा, परमादत्त झा, सुजीत कुमार झा। भऽ सकैत अछि जे किछु पोथी आ बीहनि कथाकारक नाम एतय छूटि गेल होइ, जेना-जेना हमरा लग पोथीक अथवा बीहनि कथाकारक नाम अबैत रहत, हम एहीठाम जोड़ैत रहब।


बुधवार, 19 अगस्त 2026

गजल

चान सन शीतल रूप केहन अहाँकेँ

अप्सरा स्वर्गक होइ तेहन अहाँकेँ

 

अछि हृदयमे मूरत अहाँ केर सोभित

मोहि लेलक ई रूप एहन अहाँकेँ

 

देखिते आनंदसँ हिया भेल हर्षित

मंद शीतल मुस्कान जेहन अहाँकेँ

 

अपन आँखिक काजर बना राखि लिअ ने

प्राण हम्मर  अछि आब रेहन अहाँकेँ

 

मोटरी दिअ माथक अपन आब सगरो

‘मनु’ तँ सबटा लय लेत गेहन अहाँकेँ

 

(बहरे खफीक, मात्राक्रम : 2122-2212-2122)

✍🏻 जगदानन्द झा ‘मनु’

 


रविवार, 9 अगस्त 2026

गजल

हाथमे हाथ लेने सगरो चलब हम

आब तोहर बिना पल भरि नहि जियब हम

 

हो सुखद की कतेको अन्हार जीबन

बनि क छाहैर तोहर संगहि रहब हम

 

दीप नेहक मिझेए नहि आब कखनो

बनि क बाती सिनेहे हरदम जरब हम

 

अछि हँसी ई सरस निश्छल बड्ड मोहक

नेह भरि-भरि करेजा तोहर गहब हम

 

छोड़ि दुनिया कतौ नहि ‘मनु’ आब जायब

आँखिकेँ तोर सोझाँ  एतहि मरब हम

 

(बहरे असम, मात्राक्रम : 2122-1222-2122)

✍🏻 जगदानन्द झा ‘मनु’


गुरुवार, 6 अगस्त 2026

गजल

अहाँ सादा कागद परक पहिल कोनो आखर छी

हिया जकरा चिन्है हमर पहिल नेहक सागर छी

 

नयनमे छी सदिखन अहाँ विष्णु ब्रह्मा शिव बनि कय

सहारा जीवनकेँ हमर अहीं मोनक आदर छी

 

दुखक भारसँ जीवन हमर जखन टूटय लागैए

सिनेहक जे छाहरि दिए दुलारक आँचर छी

 

सगर दुनिया हँसि देखलक हमर खाली जेबी टा

हिया बुझलक जे देखि कय अहीं मोनक गागर छी

 

चरण छू कय भेटय जकर सगर तीर्थक फल 'मनु'केँ
अहाँ मैया ममतामयी हमर भागक आगर छी

 

(मात्राक्रम : 1222-2212-1222-222 सभ पाँतिमे)

✍🏻 जगदानन्द झा ‘मनु’


शुक्रवार, 24 जुलाई 2026

कोन काज करै छी?

“अहाँ कोन काज करै छी?”

“हम लिखैत छी।”

“की लिखैत छी?”

“मैथिली साहित्य, जेना कविता, गजल, कथा आदि।”

“लिखैत छी से बुझलहुँ, मुदा काज की करै छी?

“लिखबे हमर काज अछि।”

“तँ ई लिखलासँ घर चलि जाइए? नहि ने तँ घर चलबै लेल कोन काज करै छी?”