हुनकर प्रेमक धाहसँ हम गुलाबी भ गेलौं
बुझलनि नहि ओ हमरा हम शराबी भ गेलौं
हँसि कय हम लूटेलौं मोन सगरो अपन बुझि
भेटल नहि कनिको मोजर हिसाबी भ गेलौं
सुनलौं बहुते एखन धरि सभक चुप भ सबटा
सुनिते देरी मोनक हम जवाबी भ गेलौं
जीवन भरि नेना पोसब रहल आस अनके
चाकर बनिते सरकारी नवाबी भ गेलौं
जगमे बहुते धोखा पाबि सिखलौं रहब हम
असगर ‘मनु’ आखर संगे किताबी भ गेलौं
(मात्राक्रम 2222-222-122-122 सभ पाँतिमे)
✍🏻जगदानन्द झा ‘मनु’
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