टोपीमे लगै ई बुढ़ा झक्कास छै
बुढ़िया बिन अछैते मरै नै आस छै
गामक आइ केहन असल रखबाड़ छै
एको धुर बचल ओकरा नै चास छै
शिक्षा केर घरमे बिकाइत ज्ञान छै
आजुक नीति सगरो कते बकवास छै
पूजै लेल कन्या तकै सब लोक छै
बनबे लेल कनियाँ तकै अरदास छै
बाबू माय एने बजट बिगड़ैत छै
साढ़ू सारि ‘मनु’ बैंक खासम खास छै
(मात्राक्रम 2221-2212-2212 सभ पाँतिमे।)
✍🏻 जगदानन्द झा ‘मनु’