प्रियतम अहाँक सुधिमे रहनाइ भेल मुश्किल
जीवैत हम तँ छी नहि मरनाइ भेल मुश्किल
की हाल कहु करेजक टुकड़ी हजार भेलै
सभमे अहीँक छवि अछि गननाइ भेल मुश्किल
छी नींद चैन सबपर कब्जा अपन क लेने
कयलौं पिया कि जादू सुतनाइ भेल मुश्किल
बड़ मोनकेँ बुझेलौं ई किछु बुझैत नहि अछि
आइब कनी बुझा दिअ बुझनाइ भेल मुश्किल
सदिखन ‘मनु’क हृदय मंदिरमे मुरुत अहीँकेँ
बिन पूजने अहाँकेँ सहनाइ भेल मुश्किल
(मात्राक्रम 2212-122 / 2212-122)
✍🏻 जगदानन्द झा ‘मनु’