मैथिलीपुत्र ब्लॉग पर अपनेक स्वागत अछि। मैथिलीपुत्र ब्लॉग मैथिली साहित्य आ भाषा लेल समर्पित अछि। अपन कोनो तरहक रचना / सुझाव jagdanandjha@gmail.com पर पठा सकैत छी। कृपया एहि ब्लॉगकेँ subscribe/ फ़ॉलो करब नहि बिसरब, जाहिसँ नव पोस्ट होएबाक जानकारी अपने लोकनिकेँ भेटैत रहत।

सोमवार, 2 फ़रवरी 2026

गजल

हम अहाँकेँ देखिते सुधि बिसरि गेलौं

लेसने बिन आगि सौंसे पजरि गेलौं 

 

प्राण लेलक आँखि मिलनाइ हरजाइसँ

खा कऽ मोने मोन मुँगबा पसरि गेलौं 

 

अछि जकर मुस्की इजोते सगर चकमक

मोरिते मुँह पानि बिन हम  पिछरि गेलौं 

 

स्वर्ग भेटल अहाँ बिन नरक भेलै 

छोरि सुख बैकुंठकेँ झट ससरि गेलौं

 

देख निरमल नेह हुनकर हृदय गदगद

बुझि सफल ‘मनु’ भेल सपना झहरि गेलौं

 

(बहरे कलीब, मात्राक्रम 2122-2122-1222)

✍🏻 जगदानन्द झा ‘मनु’