मैथिलीपुत्र ब्लॉग पर अपनेक स्वागत अछि। मैथिलीपुत्र ब्लॉग मैथिली साहित्य आ भाषा लेल समर्पित अछि। अपन कोनो तरहक रचना / सुझाव jagdanandjha@gmail.com पर पठा सकैत छी। कृपया एहि ब्लॉगकेँ subscribe/ फ़ॉलो करब नहि बिसरब, जाहिसँ नव पोस्ट होएबाक जानकारी अपने लोकनिकेँ भेटैत रहत।

सोमवार, 26 नवंबर 2012

गजल

किए तीर आँखिसँ अहाँकेँ चलैए 
हँसी   तँ घाएल  हमरा करैए 

 

मधुर बाजि पाजेब पैरक छमा-छम

हृदयमे हमर राति दिन ई बजैए

 

बसंतक हबामे हिलोरे खुजल लट

चकित लोक दाँतेसँ आँगुर कटैए

 

ससरलै जँ मिसियो अहाँ केर आँचर

अपन सुधि बिसरने  कतेको मरैए

 

अहीँकेँ तँ मुँह देखि जीवैत मनुअछि

जेए मिलन मोन सदिखन रहैए


(बहरे मुतकारिब, मात्राक्रम 122-122-122-122)

✍🏻 जगदानन्द झा ‘मनु’

1 टिप्पणी: